प्यारे बच्चों
ऐसा चिराग बनों जिसमे परमात्मा की लौ लगातार जलती रहे, तथा स्नेह और विश्वास का प्रभामंडल बना रहे। हमेशा ध्यान रखें सफल वही होते हैं जो सदैव नतमस्तक व प्रसन्न मुख रहते हैं। पवित्रता, सच्चाई तथा विशवास से युक्त जो मनुष्य उन्नति का झंडा लेकर चलता है उसे ही विजयश्री मिलती है।

रूपवती देवी